10,000 👮जवान भेजने के बाद फिर से 👉जम्मू-कश्मीर में भेजे जा रहे 28,000 और 👏जवान

 


जम्मू-कश्मीर में 28,000 जवान और भेजे जाने की ख़बर सामने आई है। इससे पहले केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने घाटी में 100 कंपनियों को भेजने की बात कही थी। पैरामिलिट्री फोर्स के इन जवानों को घाटी में और सैनिक भेजने के लिए सरकार की ओर से मौखिक आदेश जारी किए गए हैं। सूत्रों ने बताया है कि सिर्फ पिछले 4 दिनों में सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज की 281 कंपनियां जम्मू-कश्मीर में पहुंच चुकी हैं।


बता दें कि करीब एक हफ्ते पहले सरकार ने जम्मू-कश्मीर में 10,000 अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की बात कही थी। जिसके बाद से ही जम्मू-कश्मीर में इतनी बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती को लेकर सवाल उठने और कयास लगाए जाने का दौर शुरू हो गया था।


पिछले सप्ताह सरकार ने 100 कंपनियां तैनात किए जाने के पीछे आतंकवाद विरोधी कार्रवाई को और मजबूती देने की वजह बताई थी। इसमें सीआरपीएफ की 50, बीएसएफ की 10, एसएसबी की 30, आईटीबीपी की 10 कंपनियां तैनात की जाने वाली थीं। बताते चलें कि बुधवार को ही जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अनुच्छेद 35A को हटाने की अटकलों से साफ इंकार कर दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि इस तरह की कोई भी योजना नहीं है।


इस दौरान अमरनाथ यात्रा को भी 4 अगस्त तक के लिए रोक दिया गया है। सरकार का कहना है कि खराब मौसम के चलते ऐसा किया गया है। हालांकि मौसम विभाग ने मौसम में किसी बड़े बदलाव की बात नहीं कही है। आधिकारिक सूत्रों ने यह भी बताया है कि यात्रा की सुरक्षा में लगे कुछ जवानों की भी लोकेशन बदली गई है और उन्हें घाटी में सुरक्षा पर लगाया गया है। अमरनाथ यात्रा में करीब 400 टुकड़ी यानि 40 हजार जवानों की तैनाती की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घाटी में तैनात जवानों से किसी भी आपात स्थिति से निपटने को तैनात रहने को भी कहा गया है।